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जॉर्डन से शुरू हुआ टकराव, ईरान तक पहुंची जवाबी कार्रवाई; अमेरिकी बमबारी से मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर

जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई रक्षा, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर हवाई हमले किए। इस कार्रवाई के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है और क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका गहरा गई है। वहीं, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल दर्ज किया गया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमान (CENTCOM) के अनुसार, करीब दो घंटे तक चले इस सैन्य अभियान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। हमलों में सैन्य कमान केंद्र, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स के साथ-साथ कुछ वायु रक्षा प्रणालियां भी तबाह की गईं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले का जवाब देना जरूरी था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने सैनिकों और राष्ट्रीय हितों पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा। दूसरी ओर, ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित केशम द्वीप पर हमले में दो लोग घायल हुए हैं, जबकि देश के दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हिस्सों में कई विस्फोटों की भी सूचना मिली है।

संघर्ष का असर अब पूरे पश्चिम एशिया में दिखाई देने लगा है। मिस्र के दमिएटा बंदरगाह पर खड़े दो गैस जहाजों पर ड्रोन हमले की खबर है, जिससे दोनों जहाजों में आग लग गई। वहीं सऊदी अरब ने आरोप लगाया है कि ईरान समर्थित इराकी गुटों ने उसके तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। दूसरी ओर, यमन के हूथी विद्रोहियों ने सऊदी ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है।

बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी साफ दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 7.3 प्रतिशत बढ़कर 88.09 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

इस बीच, ओमान, कतर और अन्य खाड़ी देशों की मध्यस्थता के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता लगभग ठप हो गई है। दोनों देशों की ओर से फिलहाल किसी नई बातचीत के संकेत नहीं मिले हैं। ऐसे में पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद फिलहाल बेहद कमजोर नजर आ रही है।

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