कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि संसद में उन्हें छात्रों से जुड़े मुद्दे पर बोलने नहीं दिया गया, क्योंकि उन्होंने छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने दावा किया कि उनसे माफी मांगने पर भाषण जारी रखने की बात कही गई, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल की घटनाएं बेहद गंभीर हैं। उनके मुताबिक कई वीडियो में पुलिसकर्मियों द्वारा छात्रों, खासकर छात्राओं के साथ बल प्रयोग करते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस और आरएएफ दोनों ही गृह मंत्रालय के अधीन काम करती हैं, इसलिए इस कार्रवाई की जवाबदेही गृह मंत्री पर बनती है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि उन्होंने घटनास्थल पर अमित शाह को पुलिस अधिकारियों से फोन पर बातचीत करते देखा था। उन्होंने कहा कि यदि गृह मंत्री को कार्रवाई की जानकारी थी तो इसकी जिम्मेदारी उनसे तय होनी चाहिए और यदि जानकारी नहीं थी, तो यह भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में तीसरी कोई संभावना नहीं है।
राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने 25 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या छात्रों पर हुई कार्रवाई की अनुमति उन्होंने दी थी। उन्होंने कहा कि इस पत्र का अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। कांग्रेस छात्रों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी और उनके पास घटना से जुड़े वीडियो व अन्य साक्ष्य मौजूद हैं।
इससे पहले लोकसभा में भी राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और निजीकरण को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था पहले से ही छात्रों के लिए कठिन बनी हुई है और लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी शिक्षा व्यवस्था में हस्तक्षेप का आरोप लगाया।
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