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रिकॉर्ड कीमतों के बीच बढ़ा गोल्ड लोन, जानिए क्यों लोग तेजी से गिरवी रख रहे अपना सोना

Explainer: देश में क्यों बढ़ रही गोल्ड लोन की मांग? जानिए लोग किस जरूरत के लिए गिरवी रख रहे अपना सोना

भारत में गोल्ड लोन अब सिर्फ आपातकालीन जरूरतों तक सीमित नहीं रह गया है। पिछले एक साल में सोने की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बाद लोग अपने पास मौजूद सोने के बदले पहले से अधिक कर्ज ले रहे हैं। कारोबार, शिक्षा, यात्रा और अन्य वित्तीय जरूरतों के लिए भी गोल्ड लोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।

क्यों बढ़ रही है गोल्ड लोन की मांग?

विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने की बढ़ती कीमतों के कारण लोगों को उसी सोने पर पहले की तुलना में अधिक लोन मिल रहा है। इसके अलावा, गोल्ड लोन की प्रक्रिया तेज और आसान होने के कारण भी इसकी लोकप्रियता बढ़ी है। अब इसे सिर्फ मजबूरी का विकल्प नहीं, बल्कि एक सामान्य वित्तीय साधन के रूप में देखा जा रहा है।

किन जरूरतों के लिए ले रहे हैं गोल्ड लोन?

अब लोग गोल्ड लोन का इस्तेमाल सिर्फ घरेलू खर्चों के लिए नहीं, बल्कि कई अन्य कामों के लिए भी कर रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं—

  • कारोबार शुरू करने या बढ़ाने के लिए
  • उच्च शिक्षा का खर्च उठाने के लिए
  • यात्रा और अन्य व्यक्तिगत जरूरतों के लिए
  • पुराने कर्ज का भुगतान या लोन टॉप-अप लेने के लिए
  • कितनी तेजी से बढ़ा गोल्ड लोन?

आरबीआई के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 तक एनबीएफसी द्वारा दिए गए गोल्ड लोन में सालाना आधार पर करीब 70% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, बैंकों का गोल्ड लोन 105% बढ़कर 5.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मार्च 2023 में बैंकों और एनबीएफसी का संयुक्त गोल्ड लोन 6.3 लाख करोड़ रुपये था, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 19.4 लाख करोड़ रुपये हो गया।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा बढ़ी मांग?

एक्सपेरियन इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में गोल्ड लोन की सबसे तेज वृद्धि इन राज्यों में दर्ज की गई—

  • उत्तर प्रदेश – 138%
  • पश्चिम बंगाल – 112%
  • राजस्थान – 105%
  • महाराष्ट्र – 102%

हालांकि, दक्षिण भारत अब भी गोल्ड लोन का सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है।

भारत के पास कितना सोना है?

विश्व स्वर्ण परिषद (World Gold Council) के अनुसार, भारत के आधिकारिक स्वर्ण भंडार 880.3 टन हैं। वहीं, विभिन्न रिपोर्टों का अनुमान है कि भारतीय परिवारों और मंदिरों के पास 25,000 से 50,000 टन तक सोना मौजूद है, जिसका बड़ा हिस्सा अभी भी औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से बाहर है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की ऊंची कीमत, आसान लोन प्रक्रिया, डिजिटल सेवाओं का विस्तार और वित्तीय जरूरतों में बदलाव ने गोल्ड लोन को तेजी से लोकप्रिय बनाया है। अनुमान है कि मार्च 2027 तक भारत का संगठित गोल्ड लोन बाजार 15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

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