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भारत-UK ट्रेड डील का असर, 15 जुलाई से ब्रिटिश व्हिस्की, कारें और कई आयातित सामान होंगे सस्ते

भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 15 जुलाई से लागू हो जाएगा। इस समझौते के लागू होने के बाद भारत में ब्रिटेन से आयात होने वाली व्हिस्की, लग्जरी कारें, कपड़े, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स और कई अन्य उत्पाद सस्ते हो जाएंगे। वहीं भारत के 99 प्रतिशत उत्पादों का ब्रिटेन में शून्य शुल्क (जीरो टैरिफ) पर निर्यात हो सकेगा।

करीब साढ़े तीन साल तक चली बातचीत के बाद 24 जुलाई 2025 को दोनों देशों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते पर भारत की ओर से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन की ओर से व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए थे।

ब्रिटिश उत्पाद होंगे सस्ते

एफटीए लागू होने के बाद ब्रिटेन से आयात होने वाले उत्पादों पर औसत आयात शुल्क 15 प्रतिशत से घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह जाएगा। इसके तहत स्कॉच व्हिस्की और जिन पर लगने वाला शुल्क 150 प्रतिशत से घटाकर पहले चरण में 75 प्रतिशत किया जाएगा, जिसे अगले 10 वर्षों में 40 प्रतिशत तक लाया जाएगा।

जगुआर लैंड रोवर, रोल्स-रॉयस जैसी लग्जरी कारों पर भी आयात शुल्क में बड़ी कमी होगी। इसके अलावा चॉकलेट, बिस्किट, सॉफ्ट ड्रिंक्स, कॉस्मेटिक्स, मेडिकल डिवाइस, फैशन प्रोडक्ट्स, कपड़े, फुटवियर, फर्नीचर और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद भी सस्ते होने की उम्मीद है।

भारतीय निर्यातकों को होगा बड़ा फायदा

समझौते के तहत भारत के 99 प्रतिशत उत्पादों को ब्रिटेन में बिना किसी आयात शुल्क के प्रवेश मिलेगा। इससे टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, ऑटो पार्ट्स, फार्मा, समुद्री उत्पाद, चाय, मसाले और केमिकल सेक्टर को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) को नए बाजार मिलेंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

2030 तक दोगुना हो सकता है व्यापार

सरकार का अनुमान है कि इस समझौते से वर्ष 2030 तक भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 120 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। निवेश, ग्रीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में भी सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।

ब्रिटिश हाई कमिश्नर ने बताया ऐतिहासिक कदम

भारत में ब्रिटेन की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने इस समझौते को दोनों देशों की साझेदारी के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई से लागू होने वाला यह समझौता भारत और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास के नए दौर की शुरुआत करेगा।

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