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कुशीनगर में एसिड अटैक: युवती की तड़प-तड़पकर मौत; मां की हालत नाजुक

कुशीनगर में एसिड अटैक में एक युवती की तड़प-तड़पकर मौत हो गई, जबकि उसकी मां बुरी तरह से घायल हैं। हमलावर रात में छत के रास्ते घर में घुसे। कमरे में सो रही मां-बेटी पर एसिड फेंक दिया। इसके बाद कमरे का दरवाजा बंद कर फरार हो गए।

मां-बेटी के चीखने की आवाज सुनकर परिवार वाले भागते हुए कमरे में पहुंचे। वहां देखा तो दोनों दर्द से तड़प रही थीं। घर वाले दोनों को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने दोनों की हालत देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि मां की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना गुरुवार देर रात रामकोला थाना क्षेत्र के मोरवन गांव की है। पुलिस ने परिवार वालों की शिकायत पर दो युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

रामकोला के मोरवन इमलिहा गांव में प्रभुनाथ का परिवार रहता है। प्रभुनाथ कोयला खदान में काम करते थे और दो महीने पहले ही रिटायर होकर घर आए थे। परिवार में 5 बेटियां और 1 बेटा है। 4 बेटियों की शादी हो चुकी है।

छोटी बेटी काजल यादव (25) की शादी नहीं हुई थी। उसने हाल ही में ग्रेजुएशन पूरी की थी। वह मां लीलावती (55), छोटा भाई अभिषेक (19), बड़ी बहन के बेटे अंश और पिता प्रभुनाथ के साथ रहती थी।

गुरुवार रात को काजल अपनी मां के साथ एक कमरे पर सोई थी। पिता और बड़ी बहन का बेटा अंश बरामदे में सो रहे थे। छोटा भाई अभिषेक दूसरे कमरे में था। रात करीब 2.30 पर अचानक अंदर से दरवाजा पीटने की आवाज सुनाई दी तो प्रभुनाथ और अंश की नींद खुली।

पिता और भांजे ने दरवाजा खोलकर निकाला

दोनों भागकर बेटी के कमरे के पास पहुंचे तो वहां दरवाजा बाहर से लॉक था और काजल चिल्ला रही थी। दरवाजा खोलकर पिता अंदर पहुंचे तो अवाक रह गए। बेटी ने बताया कि कोई आया था और तेजाब फेंककर भाग गया। दोनों बुरी तरह झुलस गईं थीं।

घबराए पिता ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। एंबुलेंस से पत्नी और बेटी को लेकर स्थानीय सीएचसी पहुंचे। दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां काजल की मौत हो गई, जबकि मां लीलावती की हालत गंभीर बनी हुई है।

काजल के भाई अभिषेक ने बताया कि बहन जब अस्पताल में भर्ती थी तो मैंने उससे हमलावर के बारे में पूछा। उसने कहा- मैं सो रही थी, तभी लगा कि कोई कुछ फेंक रहा है। उठी तो पूरी तरह भीगी थी। कोई कमरे में आया था लेकिन मैं देख नहीं पाई। हमारी गांव में किसी से कोई दुश्मनी नहीं है।

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