साउथ सिनेमा के जाने माने निर्देशक प्रशांत नील अपनी फिल्म ‘सलार 1 सीजफायर’ की सफलता से उत्साहित हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रोज सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही है। प्रशांत नील ने अब जाकर खुलासा किया है कि उनकी फिल्मों के किरदार वह हिंदी सिनेमा के कुछ चुनिंदा कालजयी किरदारों से प्रेरणा पाकर लिखते रहे हैं। उनकी फिल्मों का एंग्री यंगमैन इन्हीं किरदारों के चोले पहनकर आया है।
प्रशांत नील कहते हैं, ‘हां, मैं ये मानता हूं कि अमिताभ बच्चन मेरी सभी फिल्मों के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। उन्होंने अपनी बहुत सी फिल्मों में नायक की ऐसी भूमिकाएं निभाई हैं जिनमें खलनायक भी वही हैं। यह एक ऐसी शैली है जिसे उसके बाद शायद ही कभी देखा गया। जिस तरह से उन्होंने नकारात्मक पात्र को चित्रित किया, मुझे नहीं लगता कि किसी और ने ऐसा किया है।
अपनी फिल्मों ‘उग्रम’, ‘केजीएफ’, ‘केजीएफ 2’ और ‘सलार 1’ के किरदारों की चर्चा चलने पर निर्देशक प्रशांत नील बताते हैं, ‘अमिताभ बच्चन इकलौते ऐसे अभिनेता है जिन्होंने विलेन को भी हीरो बना दिया। इसलिए, मैं भी अपनी फिल्मों के साथ ऐसा करने की कोशिश करता हूं। मैं अपने सकारात्मक किरदारों की भी नकारात्मकता दिखाने की कोशिश करता हूं। मेरा एक ही मूल मंत्र है और वह ये कि हीरो मेरी फिल्म का सबसे बड़ा खलनायक होना चाहिए।’
अगर प्रशांत नील की 2014 में रिलीज पहली फिल्म ‘उग्रम’ को गौर से देखें तो ये एक तरह से अमिताभ बच्चन की कालजयी फिल्म ‘दीवार’ से प्रेरित नजर आती है। इस कहानी का हीरो अगस्त्य साधारण मोटर मैकेनिक है। लेकिन, जब वो अपने सामने औरतों पर अन्याय होते हुए देखता है तो बागी बन जाता है। ‘केजीएफ 1’ और ‘केजीएफ 2’ की कहानियों का नायक रॉकी भी जो कुछ कर रहा है वह उसका अपनी मां से किया वादा है। ‘सलार पार्ट 1’ का डीएनए अमिताभ बच्चन की फिल्मों ‘याराना’ और ‘काला पत्थर’ जैसा है।
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