राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। सीईओ के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी। अब ट्रस्ट समिति की सिफारिशों के आधार पर अंतिम नाम पर फैसला करेगा।
सर्च कमेटी ने ट्रस्ट को सौंपी रिपोर्ट
सीईओ के चयन के लिए गठित समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावड़े शामिल हैं। समिति ने चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट के समक्ष रखी।
रिपोर्ट सौंपे जाने के दौरान ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। समिति ने सीईओ पद के लिए नामों का पैनल तैयार किया है। अब ट्रस्ट इस पैनल पर विचार कर एक नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा।
2 सितंबर की बैठक में हो सकता है फैसला
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक 2 सितंबर को प्रस्तावित है। इसी बैठक में सीईओ के नाम की घोषणा होने की संभावना है। अन्य रिपोर्टों के अनुसार चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण में उम्मीदवारों के साक्षात्कार के बाद नामों का पैनल तैयार किया गया है।
सीईओ की नियुक्ति के बाद राम मंदिर की प्रशासनिक और प्रबंधकीय व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कार्यों और विभिन्न व्यवस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी सीईओ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
अब सभी की नजरें 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक पर टिकी हैं, जहां राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक सीईओ के नाम पर अंतिम फैसला हो सकता है।
satyamorcha.com Hindi News, latest and breaking news in Hindi