राजधानी दिल्ली के आईटीओ इलाके की तस्वीर जल्द बदलने वाली है। दिल्ली सरकार यहां करीब 17.5 एकड़ यानी 72,700 वर्गमीटर क्षेत्रफल में एक नया और आधुनिक सचिवालय परिसर विकसित करने की तैयारी कर रही है। इस परियोजना में ऊंची इमारतों के साथ दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के कार्यालयों को एक ही परिसर में विकसित करने की योजना है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी ने मास्टर प्लान, वास्तु डिजाइन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हाईराइज इमारतों में होंगे सरकारी दफ्तर
आईटीओ स्थित इंद्रप्रस्थ मार्ग के दोनों ओर मौजूद सरकारी परिसरों और कार्यालय भवनों को ध्यान में रखते हुए नए सचिवालय का डिजाइन तैयार किया जाएगा। इस इलाके में वर्तमान में विकास भवन-1, डूसिब भवन, एमएसओ भवन, पीडब्ल्यूडी मुख्यालय, जीएसटी भवन समेत कई सरकारी इमारतें मौजूद हैं।
नए परिसर की इमारतों को आधुनिक तकनीक के आधार पर डिजाइन करने की योजना है। खास बात यह है कि प्रस्तावित हाईराइज भवनों में बेस आइसोलेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा को मजबूत बनाया जा सके।
भूमिगत पार्किंग से लेकर एसटीपी तक मिलेंगी सुविधाएं
नया सचिवालय केवल सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा। प्रस्तावित परिसर में भूमिगत पार्किंग, आंतरिक सड़कें, जलापूर्ति, सीवर व्यवस्था, वर्षाजल संचयन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी, हरित क्षेत्र और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
परिसर को मेट्रो, रेलवे, सड़क, बिजली, पानी और सीवर जैसी मौजूदा सुविधाओं से बेहतर तरीके से जोड़ने की भी योजना बनाई जाएगी। इससे कर्मचारियों के साथ-साथ यहां आने वाले लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
पीडब्ल्यूडी ने कंसल्टेंट के लिए 160 दिनों की समयसीमा तय की है, जिसके भीतर डीपीआर और निर्माण से जुड़े जरूरी दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। इसके बाद निर्माण कार्य के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
दिल्ली सरकार का यह नया सचिवालय प्रोजेक्ट आईटीओ क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकता है। आधुनिक सुविधाओं और हाईराइज इमारतों से लैस यह परिसर भविष्य में राजधानी के प्रमुख प्रशासनिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।
satyamorcha.com Hindi News, latest and breaking news in Hindi