जबलपुर में पुलिस और एक शातिर अंतरराज्यीय चोर के बीच मंगलवार शाम फिल्मी ड्रामा देखने को मिला। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी खितौला रेलवे स्टेशन के पास एक काई से भरे तालाब में कूद गया। वह करीब 5 घंटे तक पानी के अंदर छिपा रहा।
चौंकाने वाली बात यह है कि वह सांस लेने के लिए कमल की डंठल (कमल-नाल) का सहारा लेता रहा। आखिरकार गोताखोरों की मदद से उसे दबोच लिया गया।
घटना रीवा-इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन की है। एसी कोच में एक महिला का पर्स चोरी करने की कोशिश के दौरान आरोपी आरपीएफ (RPF) की नजर में आ गया। जैसे ही ट्रेन सिहोरा रोड रेलवे स्टेशन के पास धीमी हुई, आरोपी कूदकर भागने लगा।
आरपीएफ जवानों ने पीछा किया तो वह खितौला के एक गहरे और काई से भरे तालाब में जा कूदा। रात के अंधेरे और घनी शैवाल के कारण वह पुलिस की आंखों से ओझल हो गया।
आरोपी ने खुद को पूरी तरह पानी में डुबो लिया
खितौला थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम ने जब रेस्क्यू शुरू किया तो पाया कि आरोपी पानी की सतह पर नहीं है। शातिर चोर ने खुद को पूरी तरह पानी में डुबो लिया था। केवल एक पाइपनुमा कमल-नाल के जरिए बाहर से ऑक्सीजन ले रहा था। करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे काई के बीच से ढूंढ़ निकाला।

पुराने फोटो ने खोली पोल, ‘सनी’ नाम सुनते ही उगली असलियत
गिरफ्तारी के बाद आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। उसने अपना नाम बबलू और पता चंडीगढ़ बताया, लेकिन आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब को कुछ शक हुआ। उन्हें याद आया कि 2018 में उन्होंने एक वाॅन्टेड चोर का फोटो मोबाइल फोन में सेव किया था। जैसे ही उन्होंने आरोपी को उसके पुराने नाम सनी से पुकारा। आरोपी सन्न रह गया और अपनी असलियत उगल दी।
बिजनौर में निर्दलीय पार्षद भी रह चुका
जांच में जो खुलासा हुआ उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। आरोपी का असली नाम हरविंदर सिंह है। उसकी उम्र 32 साल है। वह यूपी के बिजनौर का रहने वाला है। वह अब तक देशभर में 400 से ज्यादा चोरियां कर चुका है। वह 2017 में बिजनौर के हल्दौर नगर निकाय से निर्दलीय पार्षद भी रह चुका है।
2018 में 70 लाख के हीरे-जवाहरात मिले थे
2018 में आरोपी के पास से 70 लाख के हीरे-जवाहरात मिले थे। उसने अवंतिका एक्सप्रेस ट्रेन से एक यात्री की लाइसेंसी पिस्तौल और कैश भी चोरी किया था। वह हमेशा एसी कोच को निशाना बनाता था। टीसी से बचने के लिए बाथरूम में छिप जाता। बिना टिकट सफर करता था।
8 राज्यों की पुलिस को थी तलाश
हरविंदर के खिलाफ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, और मुंबई समेत कई राज्यों में केस दर्ज हैं। वह हर वारदात के बाद सिम बदल लेता था। कभी कोई पहचान-पत्र साथ नहीं रखता था। फिलहाल, जबलपुर पुलिस और आरपीएफ उससे अन्य वारदातों के सिलसि5 घंटे तालाब में छिपा रहा 400 चोरियों का मास्टरमाइंड:कमल की डंठल से लेता रहा सांस, AC कोच से महिला का पर्स खींचकर भागा था
ले में पूछताछ कर रही है।
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