दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एक अहम फैसले में कहा कि किसी महिला या लड़की का पहनावा उसकी व्यक्तिगत पसंद है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिरह के दौरान उसके कपड़ों को उसके चरित्र या किसी अपराध के लिए जिम्मेदार ठहराने के आधार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा ...
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