Wednesday , April 8 2026

शिक्षामित्रों को इसी महीने से 18 हजार मिलेंगे; हर विधानसभा में 10 अंबेडकर स्मारक संवरेंगे; 21% दलितों को साधा; कैबिनेट में 22 प्रस्ताव पास

योगी कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा- शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ा दिया गया है। अब शिक्षामित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मिलेंगे।

उन्होंने कहा- यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू हो चुकी है। 1 मई से बढ़ा हुआ मानदेय खातों में आना शुरू हो जाएगा। अभी अनुदेशकों को 9,000 रुपए, जबकि शिक्षामित्रों को 10,000 रुपए मिलते थे। प्रदेश में 1,42,229 शिक्षामित्र और 24 हजार अनुदेशक हैं। इसके अलावा, यूपी सरकार छात्रों को 25 लाख टैबलेट बांटेगी।

योगी सरकार ने दलित वोट बैंक को साधने के लिए अहम प्रस्ताव पास किया है। 14 अप्रैल को डॉक्टर अंबेडकर की जयंती है। इससे पहले सरकार ने डॉ. बीआर अंबेडकर मूर्ति विकास योजना शुरू की है।

इसके तहत प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर छत्र, बाउंड्रीवॉल और सौंदर्यीकरण का काम कराया जाएगा। प्रदेश की हर विधानसभा में 10 स्मारकों का विकास किया जाएगा। इस पूरी योजना पर करीब 403 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

पाकिस्तान से आए 12000 परिवारों को भूमि का अधिकार मिला

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि आजादी के समय पाकिस्तान से आए 12 हजार परिवारों को भूमि का अधिकार दिया गया है। पीलीभीत में 4000, लखीमपुर खीरी में 2350, बिजनौर में 3856 और रामपुर में 2170 परिवारों को भूमि अधिकार मिला है।

ये परिवार नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत भारतीय नागरिकता के पात्र हैं। ये लोग पिछले 50 से 70 सालों से इन जिलों में रह रहे थे, लेकिन जमीन अपने नाम न होने के कारण उन्हें कई दिक्कतें झेलनी पड़ती थीं। वे न तो खेती के लिए बैंक से लोन ले पाते थे। न ही सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी फसल बेच पाते थे।

अब उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता में बदलाव कर इन परिवारों को उनकी जमीन पर भूमिधर अधिकार दे दिए गए हैं। यानी अब वे जमीन के कानूनी मालिक होंगे। इससे उन्हें बैंक से लोन लेने में आसानी होगी। वे अपनी फसल सरकारी केंद्रों पर बेच सकेंगे।

प्रदेशभर में महापुरुषों की मूर्तियों का सौंदर्यीकरण होगा

मंत्री असीम अरुण ने कहा- ‘डॉ. बी.आर. अंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ के तहत समाज सुधार में योगदान देने वाले महापुरुषों की सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित मूर्तियों का विकास किया जाएगा। ऐसे सभी स्थलों पर बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अन्य समाज सुधारकों की मूर्तियों के आसपास छतरी, बाउंड्री और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जाएगा।

एक मूर्ति पर लगभग 10 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक विधानसभा के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है। इस योजना की डिलेट जानकारी 14 अप्रैल को दी जाएगी। योजना के तहत नई मूर्तियां स्थापित नहीं की जाएंगी, बल्कि 31 दिसंबर 2025 तक पहले से स्थापित मूर्तियों का ही विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

इसमें संत रविदास, कबीरदास, ज्योतिबा फुले जैसे सामाजिक न्याय के प्रवर्तकों सहित सभी समाजों के महापुरुषों की मूर्तियां शामिल की जाएंगी। समाजवादी पार्टी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अन्य महापुरुषों का अपमान किया था। उनके नाम पर बने स्मारकों और संस्थानों पर कालिख पोती गई थी।

25 लाख टैबलेट खरीदने के टेंडर को मंजूरी मिली

औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया- 25 लाख टैबलेट खरीदने के टेंडर को मंजूरी मिल गई है। इस पर करीब 2000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अब तक इस योजना के तहत 60 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन युवाओं को बांटे जा चुके हैं। कैबिनेट बैठक में विभाग के कुल 8 प्रस्ताव पास हुए हैं, जिनमें निवेशकों को सब्सिडी देने का प्रस्ताव भी शामिल है।

49 बस स्टैंड को पीपीपी मॉडल पर विकसित करेगी सरकार

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग के तीन प्रस्ताव पास किए गए हैं। सरकार अब 49 बस स्टैंड को पीपीपी मॉडल पर विकसित करेगी। इससे पहले 23 बस स्टैंड को इसी मॉडल पर विकसित करने की मंजूरी दी जा चुकी है। अब योजना है कि हर जिले में कम से कम एक बस स्टैंड पीपीपी मॉडल पर बनाया जाए। इससे करीब 4000 करोड़ रुपए का निवेश आने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि हाथरस के सिकंद्राराऊ में बस स्टेशन बनाने के लिए रतनपुर हुसैनपुर गांव की जमीन परिवहन विभाग को मुफ्त में देने का प्रस्ताव पास हो गया है। इसके अलावा बुलंदशहर के नरौरा में बस स्टेशन और डिपो कार्यशाला बनाने के लिए सिंचाई विभाग की जमीन और बलरामपुर की तुलसीपुर तहसील में बस स्टैंड के लिए लोक निर्माण विभाग की जमीन भी मुफ्त में उपलब्ध कराने को मंजूरी दी गई है।

गोरखपुर में बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय बनेगा

वन मंत्री ने कहा- गोरखपुर में बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इसके निर्माण पर 491.0777 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह विश्वविद्यालय गोरखपुर के कैम्पियरगंज क्षेत्र में 50 हेक्टेयर भूमि पर विकसित होगा। इसमें बीएससी, एमएससी, पीएचडी के साथ-साथ डिप्लोमा कोर्स भी संचालित किए जाएंगे।

Check Also

Muzaffarnagar news: वकील समीर सैफी हत्याकांड में 3 दोषियों को फांसी की सजा

मुजफ्फरनगर में चर्चित वकील समीर सैफी हत्याकांड में कोर्ट ने सोमवार को 3 दोषियों को ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *