रामपुर में कार में आग लगने से महिला सिपाही और 2 साल के बेटे की मौत हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी। सिपाही के पति और देवर ने 3 अन्य लोगों के साथ मिलकर वारदात की थी। वजह थी- दूसरी महिला से अफेयर, इंश्योरेंस और मुआवजे की रकम। पुलिस ने 40 दिन बाद मामले का खुलासा कर पति समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। देवर समेत दो की तलाश जारी है।
दरअसल, 25 फरवरी की रात स्वार-बाजपुर रोड पर कार हादसे में लता और बेटा लड्डू (2) जिंदा जल गए थे। हादसे में लता का पति दान सिंह (22) और देवर रवि (20) बाल-बाल बच गए थे। दोनों ने पुलिस को हादसे की झूठी कहानी बताई थी। कहा था कि डंपर की टक्कर के बाद कार में आग लग गई थी।
पुलिस की पूछताछ के दौरान दान सिंह और रवि बार-बार बयान बदल रहे थे। वहीं, लता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर वार किए जाने की बात सामने आई। इससे पुलिस का शक और गहरा हो गया। कार की जांच में डंपर से टक्कर के सबूत नहीं मिले। पुलिस ने सख्ती की तो दान सिंह ने जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले महिला सिपाही और उसके बेटे को नशे की गोली देकर बेहोश किया। फिर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। बेटे की जलकर मौत हो गई, लेकिन बुरी तरह झुलसने के बाद भी महिला सिपाही की सांसें चल रही थीं। तब दान सिंह और रवि ने अपने दोस्तों से दूसरी कार मंगाई। अस्पताल ले जाते वक्त लता के सिर पर हथौड़े से ताबड़तोड़ वार किए थे।
SP सोमेंद्र मीणा ने बताया-
लता के पति का दूसरी महिला से अफेयर चल रहा था। ये बात उसे पता चल गई थी। दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था। इसीलिए लता से छुटकारा पाने के लिए और उसके लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के पैसे हड़पने के लिए दान सिंह ने अपने भाई रवि और तीन अन्य दोस्तों के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया।
पति ने पुलिस को झूठी कहानी सुनाई
लता (25) यूपी पुलिस में सिपाही थी। श्रावस्ती जिले में पोस्टेड थी। 2022 में मिलक थाना क्षेत्र के बेहटरा गांव के दान सिंह से लव मैरिज की थी। वह किराए पर गाड़ियां चलवाने का काम करता है। दान सिंह, पत्नी लता, बेटे लड्डू और ममेरे भाई रवि के साथ 25 फरवरी को नैनीताल घूमने गए थे। वापस आते वक्त कार में आग लग गई। लता और लड्डू जिंदा जल गए।
पति दान सिंह ने पुलिस को बताया था- वे परिवार के साथ नैनीताल से लौट रहे थे। तभी रात करीब 11 बजे काशीपुर के आंगा गांव के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। जिससे कार की पेट्रोल टंकी ब्लास्ट हो गई और कार आग का गोला बन गई। वो और भाई जैसे-तैसे गेट खोलकर बाहर आ गए, लेकिन लता और लड्डू कार में फंसे रह गए।
उसने बताया था कि बेटा जिंदा जल गया। बड़ी मुश्किल से लता को कार से बाहर निकाला। उसे दूसरी कार से 5 किमी दूर दिल्ली लखनऊ हाईवे पर संजीवनी अस्पताल ले गए। जहां से डॉक्टर्स ने उसे बरेली रेफर कर दिया। रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
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