गोरखपुर में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद मंच पर फूट-फूट कर रोए। उन्होंने कहा, हमारे लोगों का वोट छीना जा रहा है। हमारी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है। हमें मजबूत होना होगा। आप सभी से इतना कहूंगा कि अपनी निषाद पार्टी के लिए खड़े हो जाओ। अपनी पार्टी को मजबूत करो।
मंत्री बोले- तुम्हारे लिए रेल रोका, सड़क पर था, 7 महीने जेल में था। तुम्हारे बच्चों के लिए जरूरत पड़ी तो फांसी पर लटकने के लिए तैयार हूं, लेकिन हमारा हिस्सा चाहिए। मुझे मंत्रालय नहीं चाहिए। अभी भाजपा से कहूंगा कि मेरा मंत्रालय वापस ले लिया जाए, लेकिन मेरे समाज का सामातिक उत्थान, आरक्षण लिख दिया जाए। हमें कुछ नहीं चाहिए।
विपक्षियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें निषादों से दुर्गंध आती थी। निषाद पार्टी के कार्यकर्ता ने कसम खायी कि हे बेईमानों, तुम्हारा उठाते थे झंडा, पीठ पर खाते थे डंडा, तुम्हारा चलता था धंधा, हम बने थे अंधा। अब हमारे हाथ में होगा मोटा डंडा, उसमें होगा निषाद राज का झंडा।
निषाद समाज के लोगों पर किसी के दबाव में जो केस दर्ज हैं, सभी विधायकों से कहेंगे कि वो वापस करा दें, नहीं तो किसी को जीतने नहीं देंगे।
इससे पहले संजय निषाद ने रविवार को 2027 विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। उन्होंने 3000 बाइक के साथ 10 किमी की रैली निकाली। खुद मंत्री हंटर बाइक से आगे-आगे चल रहे थे। मंत्री ने बिना हेलमेट पहने ही बाइक भी चलाई। उन्होंने कहा- सपा ने हमारी पढ़ाई-लिखाई छीन ली, जबकि बसपा ने रोजी-रोटी छीनी। ये वापस होना चाहिए। हमारे समाज की गिनती, हमारी गिनती अनुसूचित जाति में हो, इसके लिए हम 4 बड़ी रैलियां करने जा रहे हैं।
यूपी में निषाद पार्टी अभी भाजपा के साथ गठबंधन में हैं। पार्टी का पूरा नाम- निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल है। विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए पार्टी ने अपनी गतिविधि तेज कर दी है।
2022 में निषाद पार्टी ने भाजपा के साथ मिलकर 15 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसमें 9 सीटों पर जीत मिली थी। 6 विधायक निषाद पार्टी के सिंबल (थाली) पर थे, बाकी 3 ने भाजपा के सिंबल पर चुनाव जीता था।
यूपी में निषाद समाज का वोट लगभग 4.5% है। 403 विधानसभा में 80 ऐसी हैं, जहां निषाद वोटर्स की संख्या एक लाख के करीब है। निषाद समाज की सभी उपजातियों को जोड़ दें तो इनकी संख्या लगभग 9 प्रतिशत हो जाएगी।
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