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घाटी में मेडिकल इंटर्न का आंदोलन तेज: भूख हड़ताल की नौबत क्यों आई, जानें पूरा मामला

जम्मू-कश्मीर के सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के मेडिकल इंटर्न ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर अपना आंदोलन तेज कर दिया है। सोमवार से इंटर्न ने 48 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की। यह कदम सरकार के साथ बातचीत के बावजूद मानदेय बढ़ाने को लेकर आधिकारिक लिखित आदेश जारी नहीं होने के बाद उठाया गया है।

इंटर्न का कहना है कि वे लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका मौजूदा मासिक मानदेय 12,300 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग की जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अस्पतालों में नियमित ड्यूटी के साथ आपातकालीन सेवाओं, रात की ड्यूटी और मरीजों की देखभाल जैसी जिम्मेदारियां निभाते हैं।

क्या है मेडिकल इंटर्न की मुख्य मांग?

मेडिकल इंटर्न की मुख्य मांग मासिक मानदेय में बढ़ोतरी है। प्रदर्शनकारी मौजूदा 12,300 रुपये के बजाय 30,000 रुपये प्रति माह मानदेय चाहते हैं।

इंटर्न का कहना है कि मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव पहले ही सामने आ चुका है, लेकिन इसे लागू करने के लिए अब तक औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। इसी वजह से उन्होंने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

तीन साल से लंबित है मामला

प्रदर्शनकारी इंटर्न के मुताबिक, मानदेय बढ़ाने की सिफारिश 2023 में की गई थी। उनका आरोप है कि इसके बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ पाया।

इंटर्न का कहना है कि सरकार की ओर से बातचीत और आश्वासन दिए गए हैं, लेकिन जब तक लिखित आदेश जारी नहीं होता, वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।

क्यों शुरू की 48 घंटे की भूख हड़ताल?

इंटर्न पहले से ही आंदोलन और हड़ताल पर हैं। सरकार के साथ बातचीत में ठोस लिखित फैसला नहीं होने के बाद उन्होंने दबाव बढ़ाने के लिए भूख हड़ताल शुरू की है।

प्रदर्शनकारी इंटर्न का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन अब पर्याप्त नहीं हैं। वे मानदेय बढ़ाने को लेकर औपचारिक सरकारी आदेश चाहते हैं।

कितने मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न आंदोलन में शामिल?

रिपोर्टों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और दो डेंटल कॉलेजों के इंटर्न आंदोलन में शामिल हैं। सोमवार को आंदोलन और तेज हो गया और कुछ इंटर्न ने भूख हड़ताल शुरू की।

SKIMS मेडिकल कॉलेज, बेमीना के MBBS 2021 बैच के इंटर्न भी भूख हड़ताल में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा है कि लिखित आदेश जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार के साथ बातचीत का क्या हुआ?

सरकार और इंटर्न के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हो चुकी है। इंटर्न के मुताबिक, बातचीत में कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांग को लेकर औपचारिक लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है।

इंटर्न प्रतिनिधियों ने संकेत दिया है कि बातचीत के रास्ते खुले हैं, लेकिन आंदोलन वापस लेने का फैसला ठोस सरकारी आदेश के बाद ही किया जाएगा।

आगे क्या होगा?

फिलहाल इंटर्न की 48 घंटे की भूख हड़ताल जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि उनकी मांग पर लिखित आदेश नहीं आता है तो वे आगे की रणनीति तय करेंगे। इस बीच सरकार के साथ बातचीत जारी रहने की संभावना है।

मेडिकल इंटर्न की मुख्य मांग: मौजूदा 12,300 रुपये मासिक मानदेय को बढ़ाकर 30,000 रुपये करना और इस संबंध में आधिकारिक लिखित आदेश जारी करना है।

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