नोएडा, यानी गौतमबुद्ध नगर में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारी मंगलवार को भी सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो झड़प हो गई। भीड़ ने 2–3 जगहों पर पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया। हालांकि पुलिस ने थोड़ी देर में ही हालात पर काबू पा लिया। प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ दिया।
फिलहाल, पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान इंडस्ट्रियल इलाकों में सुबह 5 बजे से फ्लैग मार्च कर रहे हैं। CCTV और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा, पीएसी और RAF की 15 कंपनियां, 26 अफसर (8 एडिशनल एसपी और 18 डीएसपी) नोएडा भेजे गए हैं। आज ज्यादातर कंपनियां बंद हैं।
DGP राजीव कृष्ण लखनऊ के कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग कर रहे। कहा- क्षतिग्रस्त संपत्ति की भरपाई भी उपद्रवियों से कराई जाएगी।
यूपी सरकार ने फैक्ट्री कर्मचारियों की सैलरी बढ़ा दी
इधर, यूपी सरकार ने सोमवार देर रात फैक्ट्री कर्मचारियों की सैलरी बढ़ा दी। न्यूनतम मजदूरी दरों में 3000 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। बढ़ी हुई सैलरी 1 अप्रैल से लागू होगी। सोमवार को बवाल के बाद हाईलेवल कमेटी ने रात में कर्मचारियों के साथ बैठक की। इसके बाद रात डेढ़ बजे सरकार ने आदेश जारी कर कमेटी की सिफारिशों पर मुहर लगा दी।
राहुल बोले- हर आवाज को अनसुना किया गया
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने X पर लिखा- कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो देश के श्रमिकों की आखिरी चीख थी, जिसकी हर आवाज को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया। वो मजदूर, जो किसी युद्ध का हिस्सा नहीं, जिसने कोई नीति नहीं बनाई – जिसने बस काम किया। चुपचाप। बिना शिकायत। और उसके बदले अपना हक मांगने पर उन्हें मिलता क्या है? दबाव और अत्याचार। एक और जरूरी मुद्दा- मोदी सरकार ने 4 लेबर कोड जल्दबाजी में बिना संवाद नवंबर, 2025 से लागू कर, काम का समय 12 घंटे तक बढ़ा दिया।
उन्होंने कहा- जो मजदूर हर रोज 12-12 घंटे खड़े होकर काम करता है फिर भी बच्चों की स्कूल फीस कर्ज लेकर भरता है, क्या उसकी मांग गैरवाजिब है? और जो उसका हक हर रोज मार रहा है- वो विकास कर रहा है? नोएडा का मजदूर ₹20,000 मांग रहा है। यह कोई लालच नहीं- यह उसका अधिकार, उसकी जिंदगी का एकमात्र आधार है। मैं हर उस मजदूर के साथ हूं, जो इस देश की रीढ़ है। जिसे इस सरकार ने बोझ समझ लिया है।
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