बरेली में मंगलवार को बुलडोजर से अवैध मकानों-दुकानों को ढहा दिया गया। इंटर कॉलेज, पेट्रोल पंप और मस्जिद का 5-5 मीटर हिस्सा भी तोड़ा गया है।
नगर निगम की टीम 3 बुलडोजर लेकर सुबह साढ़े 10 बजे कोहड़ापीर बाजार पहुंची। साथ प्रेम नगर थाने की पुलिस भी थी। बाजार में आने-जाने के रास्ते को ब्लॉक कर दिया। इसके बाद लाल निशान लगे मकान और दुकानों को ढहाना शुरू कर दिया।
कुछ व्यापारियों ने विरोध करना चाहा तो पुलिस ने उन्हें शांत करा दिया। घरों को टूटता देख महिलाएं फूट-फूटकर रोने लगीं। रानी खान ने कहा, सरकार हम लोगों पर अत्याचार कर रही है। हमसे हमारा घर और दुकान छीन रही है। हम सालों से यहां पर रहे रहे हैं। लेकिन नगर निगम अब सब कुछ जमींदोज कर रहा है।
मंगलवार को कार्रवाई के पहले दिन करीब 40 दुकान और 5 मकान पूरी तरह से ध्वस्त कर दिए गए। एक पेट्रोल पंप, मस्जिद और केडीएम इंटर कॉलेज का करीब 5-5 मीटर का हिस्सा तोड़ा गया। अभी 40 भवन रहे गए हैं। इनमें 10 मकान हैं और 30 दुकानें हैं।
कार्रवाई के दौरान ड्रोन से निगरानी की गई। भाजपा नेत्री और बरेली कॉलेज की रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. पूर्णिमा अनिल की भी 8 दुकानों पर बुलडोजर चला है।
क्यों हो रही ये कार्रवाई?
दरअसल, नगर निगम कोहड़ापीर से धर्मकांटा सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क को चौड़ा कर रहा है। अवैध अतिक्रमण की जद में 80 लोगों के मकान और दुकानें आई हैं। इसमें पेट्रोल पंप, केडीएम इंटर कॉलेज, मस्जिद, मंदिर, बिजली घर को भी तोड़ा जाना है। जितना हिस्सा टूटना है, उस पर लाल निशान भी लगाए थे।
प्रशासन ने 2 फरवरी को सभी को नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने को कहा था। सभी को 15 दिन में अपने कागज दिखाने को कहा गया था। करीब 10 लोगों ने नोटिस मिलने के बाद अपने खुद ही अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया था।
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